हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक मामले से जुड़े हुए सभी दोषियों और उनके गिरोह के खिलाफ हाईकोर्ट या सीबीआई द्वारा जांच की जाए 

शिमला : हिमाचल प्रदेश में पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में बीजेपी की जयराम सरकार लगातार घिरती जा रही है। अब शक की सुई और ज्यादा गहरा गई है। जहां बीते कल में सरकार ने आईजी आर्म्ड पुलिस और ट्रेनिंग भर्ती के पूर्व चेयरमैन जेपी सिंह को पद से हटाया गया है। अब पूरी तरह से साफ हो गया है कि पेपर लीक मामले में सरकार की किस तरह से मिलीभगत रही है। आम आदमी पार्टी ने आईपीएस जेपी सिंह को हटाए जाने पर जयराम सरकार को कठघरे में खड़ा किया। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने इस मामले में जयराम पर निशाना साधते हुए पूछा कि सीएम जयराम ठाकुर बताएं कि आईजी आर्म्ड पुलिस और ट्रेनिंग भर्ती के पूर्व चेयरमैन आईपीएस जेपी सिंह को क्यों हटाया गया? सरकार स्पष्ट करे कि क्या उन्हें पेपर लीक मामले में हटाया गया है या किसी और मामले में। 

  1. पेपर लीक मामले में आईपीएस जेपी सिंह को क्यों हटाया गया- आप 
  2. 2000 परीक्षार्थियों से संपर्क कर पांच से आठ लाख में पेपर बेचा गया- आप 
  3. पुलिस भर्ती के नाम पर कोरोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार और लेनदेन हुआ- आप

हिमाचल के आप प्रवक्ता गौरव शर्मा ने सरकार पर आरोप लगाया। पेपर लीक मामले में स्पष्ट हो गया है कि सरकार के नेता और उच्च अधिकारी की संलिप्तता से प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। जहां 5 से 8 लाख रूपए में प्रति व्यक्ति को बेचने की बातें सामने आ रही है और अपने चहेतों को नौकरी देने के लिए साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारी को हटाना मतलब पेपर लीक मामले में बहुत बड़ी चूक हुई है। सूत्र बता रहे हैं कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में लगभग 2000 से ज्यादा परीक्षार्थियों से पेपर लीक गिरोह का संपर्क हुआ था। जिसने 5 से 8 लाख रुपए में प्रति पेपर बेचा है। यानी कि एक तरफ प्रदेश के 74 हजार युवाओं के साथ सीधा धोखा हुआ है और दूसरी तरफ यह भी साफ हो गया कि जयराम सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। 

आम आदमी पार्टी जयराम सरकार से पूछना चाहती है कि पुलिस भर्ती के नाम पर कोरोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार और लेनदेन किसके इशारे पर हुआ है? कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रदेश सरकार इस मामले में हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच करवाए या फिर इस मामले की सीबीआई द्वारा जांच करवाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले से जुड़े बड़े लोगों और उनके गिरोह को जल्द पकड़े और उनका नाम सार्वजनिक करे।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार युवाओं को परीक्षा के नाम पर लूट रही है। परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये इक्कठे कर रही है और बाद में लाखों रुपए में पेपर लीक कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। जो जयराम सरकार की नाकामी और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है।

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